हमारा प्रयास हिंदी विकास आइये हमारे साथ हिंदी साहित्य मंच पर ..

शनिवार, 25 दिसंबर 2010

गंगा की घाटों पे वो..............(सत्यम शिवम)

गंगा की घाटों पे वो फिरता,
न जाने है कितना अकेला।
इक बहाव में बह गया वो,
आज की शाम,
जाने कब से निर्झर है ये शांत।
युगों युगों से देखा है जिसने कई सदी।

शाम की आरती का है समय,
तन्हाईयों ने कर दिया फिर से अकेला।


गंगा की घाटों पे वो फिरता,
न जाने है कितना अकेला।

ये शाम अब भी वैसा है,
आसमां में चाँद,
गँगा की धार में बहते कई नाव।
गँगा के उस पार अब भी दिखता है इक गाँव।

वो लोगों का जमावड़ा भी वैसे ही है,
जैसा कभी हुआ करता था पहले।

बदला तो है बस जहा मेरा,
कल साथ थे सब,
आज हूँ अकेला।

गंगा की घाटों पे वो फिरता,
न जाने है कितना अकेला।

इक रुकी रुकी सी धुँधली तस्वीर,
दिखती है मुझको गँगा तीर।

इक नाव अभी भी दिखता है,
किसी की बाट जोहता हुआ बिल्कुल अधीर।

इक प्रार्थना का दीप जलता,
गँगा की धार में बहता है,
मेरी भावना के सीप चुनकर,
कुछ अधूरे ख्वाब को गहता है।

मेरा मन मुझसे कहता है,
यादों में जी लेता हूँ फिर,
गुजरे दिनों की हर इक वेला।

गंगा की घाटों पे वो फिरता,
न जाने है कितना अकेला।

शुक्रवार, 24 दिसंबर 2010

"ब्लॉगर मीट का आयोजन" (डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक")

प्रिय ब्लॉगर मित्रो!
अपार हर्ष के साथ आपको सूचित कर रहा हूँ कि नववर्ष 2011 के आगमन पर देवभूमि उत्तराखण्ड के खटीमा नगर में 
एक ब्लॉगरमीट का आयोजन 9 जनवरी, 2011, रविवार को किया जा रहा है!
इस अवसर पर आप सादर आमन्त्रित है।
विस्तृत कार्यक्रम निम्नवत् है-

खटीमा की दूरी निम्न नगरों से निम्नवत् है-
मुरादाबाद से 160 किमी
रुद्रपुर से 70 किमी
बरेली से 95 किमी
पीलीभीत से 38 किमी
हल्द्वानी से 90 किमी
देहरादून से 350 किमी
हरिद्वार से 290 किमी
दिल्ली से 280 किमी
लखनऊ से 280 किमी है।
♥ दिल्ली आनन्द विहार से दो दर्जन रोडवेज की बसें प्रतिदिन खटीमा के लिए आती हैं। कश्मीरीगेट से प्रतिदिन दो प्राईवेट लग्जरीबसें 2बाई2 रात को 9 बजे खटीमा के लिए चलती हैं, जो सुबह खटीमा आ जाती हैं। 
जिनका किराया रोडवेज से कम है।
♥ दिल्ली से शाम को 4 बजे सम्पर्क क्रान्ति एक्सप्रेस काठगोदाम के लिए चलती है, -जो रात्रि 8ः30 पर रुद्रपुर आ जाती है। रुद्पुर से खटीमा मात्र 70 किमी है। रोडवेज की बसे यहाँ से खटीमा के लिए चलती रहती हैं। इसके अलावा प्रातः 9 बजे ओर रात को 9-30 पर भी ट्रेन रुद्पुर के लिए मिलती हैं।
♥ लखनऊ से ऐशबाग स्टेशन से खटीमा के लिए नैनीताल एक्सप्रेस में 3 रिजर्वेशन कोच टनकपुर के लिए लगते हैं। जो खटीमा प्रातःकाल पहुँच जाते हैं।
♥ लखनऊ से बरेली बड़ी लाइन की ट्रेन तो समय-समय पर मिलती ही रहती हैं। बरेली से रोडवेज की बसें बरेली सैटेलाइट बसस्टैंड से अक्सर मिलती रहती हैं। जो दो घण्टे में खटीमा पहुँचा देती हैं।
♥ देहरादून से रात को 10 बजे काठगोदाम एक्सप्रेस चलती है। जो प्रातः 5 बजे रुद्पुर पहुँच जाती है। यहाँ से रोडवेज की बस डेढ़ घण्टे में खटीमा पहुँचा देती है।

♥ हरिद्वार से भी 11 बजे रात्रि में काठगोदाम एक्सप्रेस पकड़ कर आप रुद्पुर उतर कर खटीमा की बस से आ सकते हैं।
♥ हरिद्वार और देहरादून से बहुत सी बसें खटीमा के लिए चलती हैं।
मान्यवर मित्रों! 
आप खटीमा 9 जनवरी को अवश्य पधारें!
यहाँ सिक्खों का गुरूद्वारा श्री नानकमत्तासाहिब में मत्था टेकें।
माँ पूर्णागिरि के दर्शन करें। नेपाल देश का शहर महेन्द्रनगर यहाँ से मात्र 20 किमी है।
आप नेपाल की यात्रा का भी आनन्द लें।
मैं आपकी प्रतीक्षा में हूँ!
अपने आने की स्वीकृति मेरे निम्न मेल पते पर देने की कृपा करें।

Email- rcshashtri@uchcharan.com
डॉ. रूपचंद्र शास्त्री "मयंक"
टनकपुर रोड, खटीमा, 
ऊधमसिंहनगर, उत्तराखंड, भारत - 262308.
Phone/Fax: 05943-250207, 
Mobiles: 09368499921, 09997996437