
कविवर बिहारी हिन्दी साहित्य के लोकप्रिय कवि है। कविवर बिहारीलाल का जन्म सन १६०० में बसुआ गोविंदपुर नामक गाँव में ग्वालियर जिले में हुआ था।जन्म ग्वालियर जानिये खंड बुन्देलेबाल ।तरुणाई आई सुधर ,मथुरा बसि ससुराल । ।कविवर बिहारी माथुर जाति के ब्राह्मण थे। महाराज जयसिंह को उन्होंने निम्नलिखित दोहा सुनाकर मुग्ध कर लिया :-नहि पराग नहिं मधुर मधु ,नहिं विकास यहि काल ।अली कलि ही सो बंध्यो ,आगे कौन हवाल । ।कविवर बिहारी ने अपनी एकमात्र रचना सतसई (सात सौ दोहों...