
दो अश्रुएक अश्रु मेराएक तुम्हाराठहर कर कोरों परकर रहे प्रतीक्षाबहने कीएक साथरातपिघलती जाती हैक़तरा क़तरासोना बन कर निखरने को,कसमसाती हैज़र्रा ज़र्राफूल बन कर खिलने को,हर रोज़रातदो बातेंदो बातें,एक चुपएक मौनकर रहे इंतज़ारएक कहानी बनने कीअजनबीचलो फिर बन जायें अजनबीएक नये अनजाने रिश्ते मेंबँध जायें फिर,नया जन्म लेने कोसप्तऋषिजुड़ते हैं रोज़कई कई सितारेबनाने एक सप्तऋषिहर रातहमारे बिछड़ने के ...