बाला साहेब ठाकरे की तात्कालिक प्रतिक्रिया प्रधानमन्त्री पर व्यंग कर रही है कि अगर पाकिस्तान के प्रधानमन्त्री यूसुफ रजा गिलानी को भारत और पाकिस्तान के मध्य मोहाली मे ३० को खेले जाने वाले सेमीफायनल के लिए आमन्त्रित कर सकते है तो २६/११ मुम्बई बम बिस्फोट के अभियुक्त कसाब और जनवरी २००३ संसद पर हुए आतंकी हमले के दोसी अफजल गुरु को भी बुलाना गलत नही होगा ................ठाकरे शायद यह भूल रहे हैं कि किसी भी समस्या का हाल बातचीत से ही हो सकता है ...वर्ना मुम्बई मे केवल मराठी ही रह्ते .......जंग के दम पर राज्य और भूमी जीती जा सकती है दिल नही ....इसलिए तोडफोड...