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शुक्रवार, 11 सितंबर 2009

हिन्दी पखवाड़े में आज का व्यक्तित्व ----"डॉ. पदुमलाल पन्नालाल बख्शी "

हिन्दी पखवाड़े को ध्यान में रखते हुए हिन्दी साहित्य मंच नें 14 सितंबर तक साहित्य से जुड़े हुए लोगों के महान व्यक्तियों के बारे में एक श्रृंखला की शुरूआत की है । जिसमें भारत और विदेश में महान लोगों के जीवन पर एक आलेख प्रस्तुत किया जा रहा है ।। आज की कड़ी में हम "डॉ. पदुमलाल पन्नालाल बख्शी जी" के बारे में जानकारी दे रहें ।आप सभी ने जिस तरह से हमारी प्रशंसा की उससे हमारा उत्साह वर्धन हुआ है । उम्मीद है कि आपको हमारा प्रयास पसंद आयेगाडॉ. पदुमलाल पन्नालाल बख्शी जिन्हें सरस्वती के कुशल संपादक, साहित्य वाचस्पति और ‘मास्टरजी’ के नाम से भी जाना जाता है,...

"ज़रा सी देर"-----जतिन्दर परवाज़

ज़रा सी देर में दिलकश नजारा डूब जायेगाये सूरज देखना सारे का सारा डूब जायेगान जाने फिर भी क्यों साहिल पे तेरा नाम लिखते हैंहमें मालूम है इक दिन किनारा डूब जायेगासफ़ीना हो के हो पत्थर हैं हम अंजाम से वाक़िफ़तुम्हारा तैर जायेगा हमारा डूब जायेगासमन्दर के सफ़र में क़िस्मतें पहलु बदलती हैंअगर तिनके का होगा तो सहारा डूब जायेगामिसालें दे रहे थे लोग जिसकी कल तलक हमकोकिसे मालूम था वो भी सितारा डूब जाय...