तुम्हारी बातें ही आईना थीजिंसमे देखता था तुमको मैंटुकड़ो-टुकड़ो में मिलती थी खुशीदिन में कई बार।।उन दिनो यूं ही हम तुम खुश हुआ करते थेन तुमने मुझे देखा था औरन ही मैने तुमकोबना ली थी एक तस्विरतुम्हारी उन बातो सेसजा लिए थे सपनें रातों मेंतुम्हारी उन बातो सेमहसुस करता था तुमको हर पलकल्पंनाये न छोड़ती थी साथजिसपर बैठ कर तय करता था सफर अपना।।अच्छ लगता यूँ ही सब कुछसोचकर बाते तेरी मुस्कुराहटउतर आती थी होठो परकितना हसीन था वो पलवो साथजब बातें ही हमारी आवाजहमारें जज्बात बयां करती थी।।मै प्यार की गहराई तुम्हे समझाताऔर प्यार की ऊंचाईतुम चुपचाप ही सुनती...