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बुधवार, 19 मई 2010

ये मौसम का जादू है ...(लेख).............मोनिका गुप्ता

जी हाँ, मौसम भी हमारे जीवन मे जाने अंजाने जादू करता है हमारे मन को खुश, उदास या कभी थिरकने और नाचने पर मजबूर कर देता है. आप मान लिजिए कि आप आफिस जा रहे हैं जबरदस्त गरमी है उस वजह से आपको ना सिर्फ गुस्सा आएगा बलिक सड्क पर बेवजह पसीना पोछ्ते आप किसी से भी लडाई कर बैठेगें. उसे धमकी भी दे डालेगे पर इसी स्थिती मे अगर मौसम साफ ना हो यानि आकाश मे बाद्ल हो. गरमी के मौसम मे ठंडी हवा चल रही हो तो यकीनन आपका सीटी बजाता गुनगुनाता मन उसे बिना कुछ् कहे मुस्कुरा कर आगे बढ जाएगा. बात सिर्फ यही खत्म नही होती .बरसात का ये मतलब भी नही निकालना चाहिए कि मन...

क्या खूब सच बोलने का अंजाम हो रहा है --------- {कविता} -------- सन्तोष कुमार "प्यासा"

जो उचित नहीं है हर जगह वो काम हो रहा है कल तक था जिसपर सबको भरोसा आज वही बेवजह बदनाम हो रहा है होना था जिस काम को परदे में पता नहीं क्यों सरेआम हो रहा है दुनिया में बढ़ रही है आबादी इस कदर जमी को छोडिये, अजी आसमां नीलाम हो रहा है बईमानी और घूसखोरी की चल पड़ी प्रथा ऐसी जो जितना बदनाम है, उसका उतना नाम हो रहा है कही मर रहे है भूख से लोग तो किसी के यहाँ खा पीकर आराम हो रहा है झूठ बोलना पाप है इतना तो सुना था क्या खूब सच बोलने का अंजाम हो रहा है...