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रविवार, 9 जनवरी 2011

साक्षात्कार---------उभरते कवि अंकित जैन से

मीत, क्यो गाता कल का गीतबना तू कोई अपनी रीत .....ये पक्तियाँ हम नही बल्कि अंकित जैन जो कि एनआईटी, कुरुक्षेत्र मे बी टेकके छात्र हैं. उन्होने खुद लिखी हैं और ना जाने ऐसी कितनी ढेरो कविताएलिखी है.उनसे बात करने के बाद और उनकी कविताए सुनने के बाद हमे महसूस हुआकि नौजवान बच्चो के लिए अंकित बहुत अच्छा उदाहरण बन सकते हैं क्योकि आजके समय मे, इन बच्चो खास तौर पर इंजिनियरिंग या दूसरे क्षेत्रो मे पढाईका इतना प्रेशर है कि वो सिर्फ पढाई के इलावा कुछ और करने का सोच ही नहीसकते जबकि पढाई के साथ साथ दूसरे क्षेत्रो की कलाओ मे भी हिस्सा लेनाउतना ही जरुरी होता है....