"साखो से टूट जायें, वो पत्ते नहीं है हम,आंधी से कह दो कि , औकात में रहा करे "कुछ ऐसा ही जज्बा है भारत के वीर सपूतों का । जिन्होंने भारत माता की रक्षा के लिए अपनी अन्तिम सांस तक अदम्य साहस शक्ति और वीरता का परिचय देते सभी खतरों से डट कर सामना किया । भारतीय गणतंत्र के सभी नागरिकों को गर्व है भारत के इन सपूतों पर । इन वीरो नें भारत माता के विरुद्ध उठने वाली किसी भी साजिश को साकार रुप नहीं लेने दिया ।वीरो को समर्पित ये रचना -------गर्व है उन पर राष्ट्र कोजो आज प्राप्त हैं वीरगति कोगूंजती है तालियां नाम पर उनकेआखें छलकती हैं साहस पर उनकेंक्या जोश था...