हमारा प्रयास हिंदी विकास आइये हमारे साथ हिंदी साहित्य मंच पर ..

सोमवार, 14 फ़रवरी 2011

इकतरफा प्यार..........(सत्यम शिवम)

ये दिल का खेल भी बड़ा निराला होता है,
जिससे प्यार करता है,
उससे ही कहने से डरता है।
अपनी सारी जिंदगी उसके इंतजार में गुजरता है,
वो तो सोता है,पर खुद रात भर जगता है।

दिल से ही दिल में खुब बातें करता है,
पर जब वो सामने आता है,
तो कुछ भी कहने से डरता है।

बस एक झलक जो पा लेता है उसकी,
दिल मोर बगिया में ऐसे नाचता है,
मानों सब कुछ मिल गया हो अब,
कुछ और ना पाने की चाहत रखता है।

पर जुदाई के हर तड़प को यूँ सहता है,
जैसे अग्निपथ को कोई पार करता है।

आँखों में खुब सपने संजोता है,
पर असलियत में ये आँख हरदम रोता है।

कोई कसुर भी तो उसका नहीं होता है,
सारा गुनाह तो बस इन आँखों से होता है।

बिना बताएँ ही ये किसी को,
दिल में यूँ बसा लेता है,
कि हर पल के हर क्षण में,
हर साँस के साथ बस उसे ही महसूस करता है।

अपने दिल की बातें पन्नों में उतारना चाहता है,
पर हर बार नए पन्ने से शुरुआत करता है।

इस वक्त दिल की जो हालत होती है,
वो बस कोई प्यार करने वाला ही जान सकता है।

एकतरफे दिल्लगी की ये दिवानगी,
दिवाने का जुनुन बन जाता है,
बस उसे छुप छुप के देख कर ही,
ये तो अब सुकुन पाता है।

बातों में ओंठ लड़खड़ाता है,
दिलबर से आँखों को चुराता है,
तन्हाईयों में रोज ये गम के ही गीत गाता है।

खुदा के दरबार में भी सर झुकाता है,
उसे पाने को अपना सब कुछ लुटाता है,
पर जिसे चाहता है उसे कुछ ना बताता है।

ये खेल वो खुद ही खेलता है,
और अंत में हार जाता है,
दिल की तड़प तब बढ़ती है,
जब उसे गैर की बाहों में पाता है।

दिल जो ये चोट खाता है,
प्यार से विश्वास उठ जाता है,
पर क्या करे इस एकतरफे प्यार में भी,
वो खुब मजे पाता है...........।

10 comments:

प्रवीण पाण्डेय ने कहा…

दिल का वैचित्र्य कौन समझेगा।

OM KASHYAP ने कहा…

sahi kaha aapne

Kailash C Sharma ने कहा…

बहुत सटीक बात कही है...

Atul Shrivastava ने कहा…

प्रेम की अच्‍छी रचना।
'' ये मेरे इश्‍क की मजबूरियां हैं,
तुम्‍हारा राज तुम्‍हीं से छुपा रहा हूं मैं।''

Atul Shrivastava ने कहा…

प्रेम की अच्‍छी रचना।
'' ये मेरे इश्‍क की मजबूरियां हैं,
तुम्‍हारा राज तुम्‍हीं से छुपा रहा हूं मैं।''

डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक (उच्चारण) ने कहा…

'' ये मेरे इश्‍क की मजबूरियां हैं,
तुम्‍हारा राज तुम्‍हीं से छुपा रहा हूं मैं।''
--
प्रेम दिवस पर सुन्दर प्रस्तुति!

Mithilesh dubey ने कहा…

प्रेम दिवस सुंदर रचना के लिए बधाई स्वीकार्य करें सत्यम भाई ।

Mithilesh dubey ने कहा…

प्रेम दिवस सुंदर रचना के लिए बधाई स्वीकार्य करें सत्यम भाई ।

वन्दना ने कहा…

प्रेम दिवस की सुन्दर प्रस्तुति।

Er. सत्यम शिवम ने कहा…

आप सभी को धन्यवाद और प्रेम दिवस की हार्दिक शुभकामनाएँ....।