हमारा प्रयास हिंदी विकास आइये हमारे साथ हिंदी साहित्य मंच पर ..

गुरुवार, 15 मई 2014

जग जलेगा

सच कहेगा
तो मरेगा
  
दुश्मनी से
घर जलेगा 
 झूठ यारो
सर धुनेगा
 
हाल दिल का
कब सुनेगा
 
कोठरी दिल
गम पलेगा
 दिल है दर्पण
सच कहेगा
 साथ तू है
जग जलेगा
                   
गुमनाम पिथौरागढ़ी

6 comments:

बेनामी ने कहा…

Achhi Hai..

बेनामी ने कहा…

Achhi Hai..

Onkar ने कहा…

सुंदर

Digamber Naswa ने कहा…

छोटी बहर की धमाकेदार आवाज़ ... लाजवाब ...

gumnaam ने कहा…

thanx dosto

बेनामी ने कहा…

Howdy would you mind letting me know which hosting company you're using?

I've loaded your blog in 3 completely different browsers and I must say this blog loads a lot
faster then most. Can you suggest a good hosting provider at a fair price?
Thank you, I appreciate it!

my homepage ... test