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रविवार, 5 जून 2011

पर्यावरण दिवश {कविता} सन्तोष कुमार "प्यासा"


आओ सब मिल जुल कर

एक संकल्प में बंध जाएं

वृक्षारोपण कर पर्यावरण  दिवस मनाएं

इस धरा पुन: वसुंधरा बनाएं

शुद्ध, वायु से शुद्ध, जल से

शुद्ध मृदा से पर्यावरण को सजाएं

इस दिन को कभी न  भूलें

कदम कदम पर वृक्ष लगा कर

हर दिन "पर्यावरण  दिवस" मनाएं

मृदा, वायु, जल को , कर प्रयास

अमृतमय बनाएं

सब मिल जुल कर एक ही गीत गाएं

पर केवल गीत न गाएं

निज प्रयास से, इस संकल्प को सार्थक बनाएं

आओ सब मिल जुल कर

एक संकल्प में बंध जाएं

वृक्षारोपण कर पर्यावरण  दिवस मनाएं...