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मंगलवार, 18 मई 2010

प्यार *************** {कविता} *************** सन्तोष कुमार "प्यासा"

प्यार {कविता} सन्तोष कुमार "प्यासा"




लोग कहते है की प्यार सिर्फ एक बार होता है !



लेकिन जब भी मै तुम्हे सपनो में पाता हूँ



या किसी कारणवश उदास हो जाता हूँ



जब भी मै तुम्हे सुनता हूँ



या तन्हाइयों में सपने बुनता हूँ



जब तुम्हे देखता हूँ



या खामोशियों में तुम्हे महसूस करता हूँ



मुझे हर बार तुमसे प्यार हो जाता है



गहरा और गहरा !

5 comments:

nilesh mathur ने कहा…

वाह! क्या बात है !

दिलीप ने कहा…

waah bahut khoob...

जय हिन्दू जय भारत ने कहा…

bahut hi sunadr rachan ...badai

वन्दना ने कहा…

वाह्…………………क्या नज़रिया है।

मनोज कुमार ने कहा…

बेहतरीन। लाजवाब।