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गुरुवार, 22 अप्रैल 2010

सुख बिजली जाने का...(व्यंग्य)...मोनिका गुप्ता

अरे भाई, हैरान होने की कोई बात नही है लगातार लगते कटो से तो मैने यही नतीजा निकाला है कि बिजली जाने के तो सुख ही सुख है.सबसे पहले तो समाज की तरक्की मे हमारा योगदान है. भई, अर्थ आवर मे 100% हमारा योगदान है क्योकि बिजली रहती ही नही है.तो हुआ ना हमारा नाम कि फलां लोगो का सबसे ज्यादा योगदान है बिजली बचाओ मे.

चलो अब सुनो, बिजली नही तो बिल का खर्चा भी ना के बराबर. शापिंग के रुपये आराम से निकल सकते हैं. बूढे लोगो के लिए तो फायदा ही फायदा है भई हाथ की कसरत हो जाती है. हाथ का पखां करने से जोडो के दर्द मे जो आराम मिलता है. घरो मे चोरी कम होती है भई, बिजली ना होने की वजह से नींद ही नही आती या खुदा ना करे कि सच मे, चोर आ भी गया और अचानक लाईट आ गई तो आप तो हीरो बन जाऐगे चोर को जो पकड्वा देगे, है ना समाचार पत्रो मे आपकी फोटो आएग़ी वो अलग. 

अच्छा, घर मे बिजली ना रहने से लडाई ना के बराबर होती है. भई कूलर या पंखे मे तो अकसर आवाज दब जाती है पर लाईट ना होने पर खुल कर आवाज बाहर तक जाती है. धीमी आवाज मे तो लड्ने मे मजा आता नही इसलिए लडाई कैंसिल करनी पड्ती है. और पता है सास बहू के झगडे कम हो जाते हैं दोनो बजाय एक दूसरे को कोसने के बिजली विभाग को कोसती हैं इससे मन की भडास भी निकल जाती है और मन को शांति भी मिलती है.पता है बिजली जाने से दोस्ती भी हो जाती है. अब लाईट ना होने पर आप घर से बाहर निकलेगे आपके हाथ मे रुमाल भी होगा पसीना पोछ्ने के लिए. सामने से कोई सुन्दर कन्या आ रही होगी तो आप जान बूझ कर अपना रुमाल गिरा कर कहेगे लगता है मैडम, आपका रुमाल गिर गया है यह सुन कर वो आपकी तरफ देखेगी,मुस्कुराएगी और दोस्ती हो जाएगी.

एक और जबरदस्त फायदा है कि आप विरह के गीत, कविताए लिखने लगेगें क्योकि आप बिजली को हर वक्त याद करेगें जब वो नही आएगी तो आपके मन मे ढेरो विचार उठने लगेगें. यकीन मानो आप उस समय विरह की ऐसी ऐसी कविता या लेख लिख सकते हैं कि अच्छे अच्छो की छुट्टी हो जाएगी.एक और सुख तो मै बताना ही भूल गई कि आप जोशीले भी बन सकते है बिजली घर मे ताला लगाना, तोड फोड करना, जलूस की अगवाई तभी तो करेगे जब आपमे गुस्सा भरा होगा और वो गुस्सा सिवाय बिजली विभाग के आपको कोई दिला सकता है सवाल ही पैदा नही होता .बाते और भी है बताने की पर हमारे यहाँ 5घंटे से लाईट गई हुई है और अब इंवरटर मे लाल लाईट जलने लगी है. बिजली विभाग मे मोबाईल कर रही हूँ पर कोई फोन ही नही उठा रहा. गुस्से मे मेरा रक्तचाप बढ रहा है डाक्टर को फोन किया तो वो बोले तुरंत आ जाओ. अब आँटो का खर्चा, डाक्टर की फीस ,दवाईयो का खर्चा सबके फायदे ही फायदे हैं और कितने सुख गिनवाऊँ बिजली जाने के.

12 comments:

हिन्दी साहित्य मंच ने कहा…

हा हा हा ...वाकई आपने तो बहुत सरे फायदे गिना दिए बिजली न रहने के ...

neeshoo ने कहा…

bahut khub ....waise bhi aajkal bijli rahti hi nahi toh aaram hi hai ...

जय हिन्दू जय भारत ने कहा…

ha ha ha shandar ...padh kar mja aagya ..ji bahut hi accha likha aapne ..badhai

बेचैन आत्मा ने कहा…

बिजली न रहने का एक फायदा यह भी है
कि बिजली कभी भी आ सकती है
और हम खुश हो सकते है।
बार-बार आए तो बार-बार खुश हो सकते हैं!
बार-बार जाय तो बार-बार आने की संभावना बनी रहती है।

M VERMA ने कहा…

दुख के साये तले ही सुख का सूत्रपात होता है

मोनिका गुप्ता ने कहा…

आप सभी का बहुत बहुत धन्यवाद ... नि;सन्देह इस प्रकार हौसला मिलता रहे तो और अच्छा
लिखने की ललक होती है मै कोशिश करुगी कि आगे भी इससे अच्छा लिखती रहूँ.. मोनिका गुप्ता सिरसा हरियाणा

Monica Gupta ने कहा…

आप सभी का बहुत बहुत धन्यवाद ... नि;सन्देह इस प्रकार हौसला मिलता रहे तो और अच्छा
लिखने की ललक होती है मै कोशिश करुगी कि आगे भी इससे अच्छा लिखती रहूँ.. मोनिका गुप्ता सिरसा हरियाणा

विनोद कुमार पांडेय ने कहा…

बढ़िया व्यंग....बधाई मोनिका जी

अविनाश वाचस्पति ने कहा…

इंटरनेट से मिली सौगात
हिन्‍दी ब्‍लॉगिंग की बात
से भी मिलती है राहत
जितनी देर बिजली गई
समझ लो गई आफत
कोई न करे खिलाफत।

संगीता पुरी ने कहा…

मजेदार .. हा हा हा !!

zeal ने कहा…

Power cut is like a curse for me. I cannot survive without electricity and net connection.

Nice post !

Benefits galore.

Nirbhay ने कहा…

hiii I am Nirbhay jain here i like ur all vyang