जबसे तेरी यादों में दिल को बहलाना सीख लिया
हमने मुहब्बत में खोकर भी पाना सीख लिया
जब धड़कन-२ भीगी गम से, सांसे भी चुभने लगी
दर्द की चिंगारी को बुझाने के लिए आंसू बहाना सीख लिया
तरसी-२ प्यासी-२ भटकती हैं मेरी नजरें इधर उधर
जबसे तेरी आँखों ने संयत अदा में शर्मना सीख लिया
जबसे तेरे शहर में, तेरे इश्क में बदनाम हम हुए
समझ गए ज़माने की अदा, दिल से दिल की बातें छुपाना सीख लिया
पन्नो में लिपटे, मुरझाए गुलाब की खुश्बू से सीखकर
हमने ज़िन्दगी में खुद लुटकर सबको हँसाना सीख लिया
SARTHAK POST .AABHAR
जवाब देंहटाएं.HOCKEY KA JUNOON
sundar ghazal
जवाब देंहटाएंवाह...वाह...वाह...
जवाब देंहटाएंसुन्दर प्रस्तुति.....बहुत बहुत बधाई...