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सोमवार, 24 मार्च 2014

वीर जवानों को नमन

कपकपाती ठण्ड में
जो कभी ठहरा नहीं
चिलचिलाती धूप में
जो कभी थमा नहीं

गोलियों की बौछार में
जो कभी डरा नहीं
बारूदी धमाकों से
जो कभी दहला नहीं

अनगिनत लाशों में
जो कभी सहमा नहीं
फर्ज के सामने
जो कभी डिगा नहीं

आंसुओं के सैलाब से
जो कभी पिघला नहीं
देश के आन ,मान ,शान में
मिटने से जो कभी पीछे हटा नहीं

ऐसे वीर जवानों को
शत -शत नमन ।।


4 टिप्‍पणियां:

  1. मेरी रचना " नारी (एक बेबसी)" जो मेरे ब्लॉग "कविता संग्रह" पर पोस्ट है और जिसका लिंक है - http://rishabhpoem.blogspot.in/
    १३ अप्रैल को यह रचना " नयी पुरानी हलचल '' पर प्रकाशित की जाएगी. आप सभी से अनुरोध है की आप सभी वह जाकर मेरी रचना को पढ़े और अपने विचार व्यक्त करें.
    http://nayi-purani-halchal.blogspot.in/

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