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मंगलवार, 18 मई 2010

प्यार *************** {कविता} *************** सन्तोष कुमार "प्यासा"

प्यार {कविता} सन्तोष कुमार "प्यासा"




लोग कहते है की प्यार सिर्फ एक बार होता है !



लेकिन जब भी मै तुम्हे सपनो में पाता हूँ



या किसी कारणवश उदास हो जाता हूँ



जब भी मै तुम्हे सुनता हूँ



या तन्हाइयों में सपने बुनता हूँ



जब तुम्हे देखता हूँ



या खामोशियों में तुम्हे महसूस करता हूँ



मुझे हर बार तुमसे प्यार हो जाता है



गहरा और गहरा !

4 टिप्‍पणियां:

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