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शुक्रवार, 23 अप्रैल 2010

कागज़ की नाव...(बाल कविता )...कुमार विश्वबंधु

आओ बनायें कागज़ की नाव !
आओ चलायें कागज़ की नाव !

" लो खा लो खाना ''
कहते हैं नाना -
फिर तुम चलाना
कागज़ की नाव ।

आओ बनायें कागज़ की नाव !
आओ चलायें कागज़ की नाव !

'' आँगन में पानी ''
कहती है नानी -
जाना है हमको
सपनों के गाँव ।

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