गमों की धूप से तू उम्र भर रहे महफ़ूज़,
खुशी की छांव हमेश तुझे नसीब रहे.
रहे जहां भी तू ऐ दोस्त ये दुआ है मेरी,
मसर्रतों का खज़ाना तेरे करीब रहे.
तू कामयाब हो हर इम्तिहां में जीवन के,
तेरे कमाल का कायल तेरा रकीब रहे.
तू राहे-हक पे हो ता-उम्र इब्ने-मरियम सा,
बला से तेरी कोई मुन्तज़िर सलीब रहे.
नहीं हो एक भी दुश्मन तेरा ज़माने में,
मिले जो तुझसे वो बनके तेरा हबीब रहे.
न होगा गम मुझे मरने का फिर कोई ’शमसी’,
जो मेरे सामने तुझसा कोई तबीब रहे.
bahut khoob waah...
जवाब देंहटाएंhttp://dilkikalam-dileep.blogspot.com/
बहुत बढ़िया.
जवाब देंहटाएंकठिन शब्दों के अर्थ भी दे दें, तो आसान हो जाये बात!
प्रयास बहुत ही अच्छा है ......खासकर उर्दू शब्दों का अच्छा प्रयोग किया है आपने ....शुभ वर्तमान ...
जवाब देंहटाएंmoni ji bahut hi acchi lagi gazal ...ye line dil tak utar gayi
जवाब देंहटाएंगमों की धूप से तू उम्र भर रहे महफ़ूज़,
खुशी की छांव हमेश तुझे नसीब रहे.
रहे जहां भी तू ऐ दोस्त ये दुआ है मेरी,
मसर्रतों का खज़ाना तेरे करीब रहे.
badhai
लाजवाब ग़ज़ल...
जवाब देंहटाएंतू कामयाब हो हर इम्तिहां में जीवन के,
तेरे कमाल का कायल तेरा रकीब रहे.
बहुत खूब ....बधाई
खूबसूरत प्रस्तुति...आपका ब्लॉग बेहतरीन है..शुभकामनायें.
जवाब देंहटाएं************************
'सप्तरंगी प्रेम' ब्लॉग पर हम प्रेम की सघन अनुभूतियों को समेटे रचनाओं को प्रस्तुत करने जा रहे हैं. यदि आप भी इसमें भागीदारी चाहते हैं तो अपनी 2 मौलिक रचनाएँ, जीवन वृत्त, फोटोग्राफ hindi.literature@yahoo.com पर मेल कर सकते हैं. रचनाएँ व जीवन वृत्त यूनिकोड फॉण्ट में ही हों.