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बुधवार, 24 फ़रवरी 2010

हिन्दी का हिंदुस्तान-------[कविता]--------निर्भय जैन

हिंदू हिन्दी हिंदुस्तान
क्या है भारत की पहचान
पहले राज किया अंग्रेजों ने
अब अंग्रेजी के है गुलाम

देश की आजादी की खातिर
जाने कितनों ने देदी जान
हिन्दी को हम भूल रहे है
अंग्रेजी को समझते शान

हिन्दी बचाओ के नारे लगाकर
चला देते हैं हम अभियान
हालत क्या है हिन्दी की
इस ओर नहीं है किसी का ध्यान

अब सब कुछ हिन्दी में होगा
कहते नेताजी सीना तान
ख़ुद विदेशी दौरे कर रहे
छोड़ रहे है अंग्रेज़ी वाण

उर्दू के खातिर जिन्ना ने
बना दिया था पकिस्तान
और हिन्दी को हिंगलिश करके
बोल रहा है हिंदुस्तान

विनती सुनलो मातृभूमि की
! भारत माँ के वीर जवान
हिन्दी दिवस मनाने से ही
नहीं बनेगी देश की पहचान

हिन्दी ही हमारी भाषा है
सबको सुना दो ये फरमान
तभी होगा एक ये भारत
होगा हिन्दी का हिंदुस्तान

8 टिप्‍पणियां:

  1. लाजवाब लिखा है आपने , काश की आपकी बात हर जन तक पहुच जाऐ ।

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  2. हिन्दी बचाओ के नारे लगाकर
    चला देते हैं हम अभियान
    हालत क्या है हिन्दी की
    इस ओर नहीं है किसी का ध्यान
    बेहतरीन प्रस्तुति....बहुत सहि बात कहि है आपने!
    आभार
    http://kavyamanjusha.blogspot.com/

    जवाब देंहटाएं
  3. बहुत ही सुन्दर लिखा है …………।एक सार्थक सन्देश देती रचना……………।बधायी।

    जवाब देंहटाएं
  4. बहुत ही उम्दा व सन्देशात्मक रचना लगी , बधाई आपको ।

    जवाब देंहटाएं
  5. बहुत ही खूबसूरत व शिक्षा प्रद लगी आपकी ये कविता ।

    जवाब देंहटाएं

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