फिर एक बार
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आओ....
बदल डालें दीवार पर
लटके कलेन्डर
फिर एक बार,
इस आशा के साथ
कि-
शायद इसबार हमें भी मिलेगा
अफसर का सद व्यवहार
नेता जी का प्यार
किसी अपने के द्वारा
नव वर्ष उपहार.
सारे विरोधियों की
कुर्सियां हिल जाऐं
मलाईदार कुर्सी
अपने को मिल जाऐ.
सुरसा सी मँहगाई
रोक के क्या होगा ?
चुनावी मुद्दा है
अपना भला होगा .
जनता की क्यों सोचें ?
उसको तो पिसना है
लहू बन पसीना
बूँद-बूँद रिसना है
रिसने दो, देश-हित में
बहुत ही जरूरी है
इसके बिन सब
प्रगति अधूरी है.
प्रगति के पथ में
एक साल जोड दो
विकास का रथ लाकर
मेरे घर पे छोड दो.
बदल दो कलेन्डर
फिर एक बार
आगत का स्वागत
विगत को प्रणाम
फिर एक बार......!!
डॉ.योगेन्द्र मणि
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बुधवार, 30 दिसंबर 2009
हिन्दी साहित्य मंच लाया " चौथी कविता प्रतियोगिता " .....................भागीदारी कर जीतिये इनाम
हिन्दी साहित्य मंच "चतुर्थ कविता प्रतियोगिता" मार्च माह में आयोजित कर रहा है। इस कविता प्रतियोगिता के लिए किसी विषय का निर्धारण नहीं किया गया है अतः साहित्यप्रेमी स्वइच्छा से किसी भी विषय पर अपनी रचना भेज सकते हैं । रचना आपकी स्वरचित होना अनिवार्य है । आपकी रचना हमें फरवरी माह के अन्तिम दिन तक मिल जानी चाहिए । इसके बाद आयी हुई रचना स्वीकार नहीं की जायेगी ।आप अपनी रचना हमें " यूनिकोड या क्रूर्तिदेव " फांट में ही भेंजें । आप सभी से यह अनुरोध है कि मात्र एक ही रचना हमें कविता प्रतियोगिता हेतु भेजें ।
प्रथम द्वितीय एवं तृतीय स्थान पर आने वाली रचना को पुरस्कृत किया जायेगा । दो रचना को सांत्वना पुरस्कार दिया जायेगा ।
प्रथम पुरस्कार - रूपये एक हजार , द्वितीय पुरस्कार - रूपये पांच सौ , तृतीय पुरस्कार - रूपये तीन सौ । साथ ही दो कविता को हिन्दी साहित्य मंच की तरफ से सांत्वना पुरस्कार दिया जायेगा । हिन्दी साहित्य मंच की तरफ से एक प्रशस्ति - पत्र भी प्रदान किया जायेगा ।
सर्वश्रेष्ठ कविता का चयन हमारे निर्णायक मण्डल द्वारा किया जायेगा । जो सभी को मान्य होगा ।आइये इस प्रयास को सफल बनायें । हमारे इस पते पर अपनी रचना भेजें -hindisahityamanch@gmail.com .आप हमारे इस नं पर संपर्क कर सकते हैं- 09818837469,09891584813,
प्रथम पुरस्कार - रूपये एक हजार , द्वितीय पुरस्कार - रूपये पांच सौ , तृतीय पुरस्कार - रूपये तीन सौ । साथ ही दो कविता को हिन्दी साहित्य मंच की तरफ से सांत्वना पुरस्कार दिया जायेगा । हिन्दी साहित्य मंच की तरफ से एक प्रशस्ति - पत्र भी प्रदान किया जायेगा ।
सर्वश्रेष्ठ कविता का चयन हमारे निर्णायक मण्डल द्वारा किया जायेगा । जो सभी को मान्य होगा ।आइये इस प्रयास को सफल बनायें । हमारे इस पते पर अपनी रचना भेजें -hindisahityamanch@gmail.com .आप हमारे इस नं पर संपर्क कर सकते हैं- 09818837469,09891584813,
हिन्दी साहित्य मंच एक प्रयास कर रहा है राष्ट्रभाषा " हिन्दी " के लिए । आप सब इस प्रयास में अपनी भागीगारी कर इस प्रयास को सफल बनायें । आइये हमारे साथ हिन्दी साहित्य मंच पर । हिन्दी का एक विरवा लगाये जिससे आने वाले समय में एक हिन्दीभाषी राष्ट्र की कल्पना को साकार रूप दे सकें ।
संचालक
हिन्दी साहित्य मंच
नई दिल्ली
संचालक
हिन्दी साहित्य मंच
नई दिल्ली
शाम
शाम की छाई हुई धुंधली
चादर से
ढ़क जाती हैं मेरी यादें ,
बेचैन हो उठता है मन,
मैं ढ़ूढ़ता हूँ तुमको ,
उन जगहों पर ,
जहां कभी तुम चुपके-चुपके मिलने आती थी ,
बैठकर वहां मैं
महसूस करना चाहता हूँ तुमको ,
हवाओं के झोंकों में ,
महसूस करना चाहता हूँ तुम्हारी खुशबू को ,
देखकर उस रास्ते को
सुनना चाहता हूँ तुम्हारे पायलों की झंकार को ,
और
देखना चाहता हूँ
टुपट्टे की आड़ में शर्माता तुम्हारा वो लाल चेहरा ,
देर तक बैठ
मैं निराश होता हूँ ,
परेशान होता हूँ कभी कभी ,
आखें तरस खाकर मुझपे,
यादें बनकर आंसू उतरती है गालों पर ,
मैं खामोशी से हाथ बढ़ाकर ,
थाम लेता हूं उन्हें टूटने से ,
इन्ही आंसूओं नें मुझे बचाया है टूटने से ,
फिर मैं उठता हूं
फीकी मुस्कान लिये
एक नयी शुरूआत करने ।
प्रस्तुति-
नीशू
प्रस्तुति-
नीशू